क्या आप मध्य प्रदेश के किसान हैं और अपनी फसल का सही दाम पाना चाहते हैं? क्या आप मंडी में घंटों लाइन लगाने से थक चुके हैं? अगर हाँ, तो MP E Uparjan 2026 पोर्टल आपके लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है।
मध्य प्रदेश सरकार ने अपने किसान भाइयों की परेशानी को समझते हुए एक ऐसा डिजिटल मंच तैयार किया है जहाँ आप घर बैठे अपनी फसल बेचने का स्लॉट बुक कर सकते हैं, न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर फसल बेच सकते हैं और पैसा सीधे अपने बैंक खाते में पा सकते हैं। इस पोर्टल का नाम है — mpeuparjan.mp.gov.in।
इस लेख में हम आपको MP E Uparjan 2026 से जुड़ी हर एक जानकारी बिल्कुल सरल हिंदी में देंगे — पंजीकरण से लेकर भुगतान तक।

MP E Uparjan 2026 पोर्टल क्या है?
MP E Uparjan एक सरकारी ऑनलाइन पोर्टल है जिसे मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा चलाया जाता है। इसका मकसद बिल्कुल साफ है — राज्य के हर किसान को उसकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना और फसल खरीद की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना।
पहले किसानों को मंडी में जाकर घंटों खड़ा रहना पड़ता था। बिचौलिए बीच में पैसे काटते थे और भुगतान महीनों तक लटका रहता था। ई-उपार्जन पोर्टल ने इन सभी समस्याओं को जड़ से खत्म कर दिया है।
साल 2026 में यह पोर्टल और भी बेहतर हो गया है। अब किसान अपने स्मार्टफोन से भी पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग कर सकते हैं।
E Uparjan 2026 की मुख्य विशेषताएं
ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा किसान अपने घर से या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से आसानी से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए मंडी जाने की कोई जरूरत नहीं।
स्मार्ट स्लॉट बुकिंग E Uparjan 2026 Slot Booking की सुविधा से किसान अपनी सुविधा के अनुसार तारीख और समय चुन सकते हैं। इससे मंडी में भीड़ और इंतजार दोनों खत्म हो गए हैं।
सीधा बैंक खाते में भुगतान (DBT) फसल बिकने के बाद MSP की पूरी राशि सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है। कोई बिचौलिया नहीं, कोई कटौती नहीं।
रीयल-टाइम भुगतान ट्रैकिंग किसान अपने पंजीकरण नंबर से भुगतान की स्थिति खुद ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।
रबी और खरीफ दोनों सीजन के लिए पोर्टल पर गेहूं, चना, मसूर (रबी) और धान, सोयाबीन, मूंग (खरीफ) सभी प्रमुख फसलों की खरीद होती है।
24x7 हेल्पलाइन सेवा किसी भी समस्या के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-103-6006 पर कभी भी कॉल कर सकते हैं।
E Uparjan 2026 — रबी और खरीफ सीजन
MP E Uparjan पोर्टल पर दो प्रमुख सीजनों में फसल खरीदी की जाती है।
रबी सीजन 2025-26 में गेहूं, चना, मसूर, सरसों और अलसी जैसी फसलें शामिल हैं। इस सीजन का पंजीकरण जनवरी से मार्च 2026 के बीच होता है।
खरीफ सीजन 2025-26 में धान, सोयाबीन, मूंग, उड़द और मक्का की खरीद होती है। इस सीजन का पंजीकरण अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच होता है।
ध्यान दें: MSP दरें हर साल केंद्र सरकार द्वारा तय की जाती हैं। सटीक और अपडेटेड दरों के लिए हमेशा mpeuparjan.mp.gov.in पर जाएं।
E Uparjan 2026 के लिए पात्रता — कौन कर सकता है आवेदन?
इस पोर्टल पर पंजीकरण के लिए निम्नलिखित शर्तें जरूरी हैं:
- किसान मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- किसान के नाम पर वैध कृषि भूमि होनी चाहिए।
- छोटे, सीमांत और बड़े — सभी श्रेणी के किसान आवेदन कर सकते हैं।
- सभी जरूरी दस्तावेज़ होने चाहिए।
E Uparjan 2026 के लिए आवश्यक दस्तावेज़
पंजीकरण से पहले ये सभी दस्तावेज़ तैयार रखें:
1. आधार कार्ड — यह सबसे जरूरी दस्तावेज़ है। बिना आधार नंबर के पंजीकरण संभव नहीं।
2. बैंक पासबुक या चेकबुक — खाता आधार से लिंक होना चाहिए। IFSC कोड भी पास रखें।
3. आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर — OTP इसी नंबर पर आएगा, इसलिए यह चालू होना जरूरी है।
4. खसरा / खतौनी — जमीन के राजस्व रिकॉर्ड का नंबर।
5. पासपोर्ट साइज फोटो — JPEG फॉर्मेट में, 50KB से कम साइज की।
6. समग्र आईडी — यह अनिवार्य नहीं है लेकिन उपलब्ध हो तो जरूर रखें। 9 अंकों का नंबर होता है।
MP E Uparjan 2026 ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें? — पूरी प्रक्रिया
E Uparjan Registration 2026 की प्रक्रिया बहुत आसान है। नीचे दिए गए सभी चरण ध्यान से पढ़ें:
चरण 1 — आधिकारिक वेबसाइट खोलें
अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में mpeuparjan.mp.gov.in टाइप करें। हमेशा .mp.gov.in वाला ही पोर्टल खोलें। किसी अनजान वेबसाइट पर अपनी जानकारी न दें।
चरण 2 — सही सीजन का चयन करें
होमपेज पर ड्रॉपडाउन मेनू से वर्तमान सीजन चुनें जैसे "रबी 2025-26" या "खरीफ 2025-26"। गलत सीजन चुनने पर पंजीकरण बेकार हो सकता है इसलिए यह कदम ध्यान से उठाएं।
चरण 3 — किसान पंजीयन विकल्प पर जाएं
सीजन चुनने के बाद "कियोस्क पंजीयन निर्धारण", "नया पंजीयन" या "किसान पंजीयन" जैसे विकल्प दिखेंगे। इनमें से उचित विकल्प पर क्लिक करें।
चरण 4 — पहचान सत्यापन करें
नया पेज खुलेगा। यहाँ पहले अपना जिला चुनें, फिर नीचे दिए तीन तरीकों में से किसी एक से पहचान सत्यापित करें:
- 9 अंकों का समग्र आईडी नंबर
- आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर
- पुराने सीजन का किसान कोड (यदि पहले से रजिस्टर्ड हैं)
इसके बाद "खोजें" बटन दबाएं।
चरण 5 — ऑनलाइन फॉर्म भरें
यदि आप नए किसान हैं तो एक फॉर्म खुलेगा। इसमें भरें:
- व्यक्तिगत जानकारी: नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग
- बैंक विवरण: खाता नंबर, IFSC कोड, बैंक का नाम
- भूमि विवरण: खसरा नंबर, फसल का प्रकार, अनुमानित उपज (क्विंटल में)
- नजदीकी खरीद केंद्र का ड्रॉपडाउन से चयन करें
- पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें
- कैप्चा कोड भरकर "सबमिट" बटन दबाएं
चरण 6 — पावती नंबर सेव करें
सफल सबमिशन के बाद एक पावती नंबर (Acknowledgement Number) स्क्रीन पर आएगा और आपके मोबाइल पर SMS भी आएगा। यह नंबर बहुत जरूरी है — इसे संभाल कर रखें।
E Uparjan 2026 Slot Booking Online — फसल बेचने का स्लॉट कैसे बुक करें?
पंजीकरण के बाद स्लॉट बुकिंग करना अनिवार्य है। बिना स्लॉट के खरीद केंद्र पर जाने पर आपकी फसल नहीं खरीदी जाएगी। इसलिए यह कदम बिल्कुल न भूलें।
चरण 1 — पोर्टल पर लॉगिन करें
mpeuparjan.mp.gov.in पर जाएं और "किसान लॉगिन" या "स्लॉट बुकिंग" सेक्शन में जाएं। अपना किसान कोड, रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज करें।
चरण 2 — OTP से पहचान सत्यापित करें
आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। उसे दर्ज करके वेरिफाई करें।
चरण 3 — उपलब्ध स्लॉट चुनें
लॉगिन के बाद स्लॉट बुकिंग का पेज खुलेगा। आपके चुने हुए खरीद केंद्र के लिए उपलब्ध तारीखें और समय दिखेंगे। अपनी सुविधा के अनुसार कोई एक तारीख और समय चुनें।
चरण 4 — स्लॉट कन्फर्म करें और टोकन सेव करें
स्लॉट चुनने के बाद एक बुकिंग आईडी या स्लॉट टोकन नंबर मिलेगा। इसका प्रिंट निकाल लें या स्क्रीनशॉट सेव कर लें। मोबाइल पर तारीख, समय और केंद्र का नाम लिखा SMS भी आएगा।
चरण 5 — तय समय पर खरीद केंद्र पर पहुंचें
निर्धारित तारीख और समय पर इन चीजों के साथ केंद्र पर पहुंचें:
- साफ-सुथरी और तौल के लिए तैयार फसल
- आधार कार्ड की फोटोकॉपी
- बैंक खाते की जानकारी
- स्लॉट टोकन की पर्ची या SMS
E Uparjan Payment Status — भुगतान की स्थिति कैसे जांचें?
फसल बिकने के बाद पैसा कब आएगा — यह हर किसान जानना चाहता है। E Uparjan 2026 में यह जानना बेहद आसान है।
स्टेप 1: mpeuparjan.mp.gov.in पर जाएं और "भुगतान स्थिति" या "FTO ट्रैकिंग" विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 2: अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार नंबर या FTO (Fund Transfer Order) नंबर दर्ज करें।
स्टेप 3: "खोजें" बटन दबाएं। स्क्रीन पर भुगतान की मौजूदा स्थिति दिखाई देगी — जैसे "प्रोसेसिंग में", "अनुमोदित", "भेज दिया गया" या "पूर्ण हुआ"।
जमा की गई राशि और लेनदेन की तारीख भी यहाँ दिख सकती है।
भुगतान में कितना समय लगता है?
फसल बिक्री और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद आमतौर पर 7 से 15 कार्यदिवसों के भीतर राशि सीधे बैंक खाते में आ जाती है। यदि 15 दिन से अधिक हो जाएं तो तुरंत हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
पुरानी व्यवस्था और E Uparjan 2026 में फर्क
बहुत से किसान यह जानना चाहते हैं कि पहले और अब में क्या बदला। नीचे इसकी सरल तुलना दी गई है।
पंजीकरण: पहले मंडी जाकर घंटों लाइन लगानी पड़ती थी। अब घर बैठे या CSC से ऑनलाइन हो जाता है।
इंतजार: पहले दिन-दिन भर मंडी में बैठना पड़ता था। अब स्लॉट से तय समय पर जाइए और काम खत्म।
बिचौलिए: पहले बिचौलिए किसानों का शोषण करते थे। अब सीधा सरकार से किसान — बीच में कोई नहीं।
भुगतान: पहले नकद, देरी और अनिश्चितता। अब DBT से सीधे बैंक खाते में।
पारदर्शिता: पहले कुछ पता नहीं चलता था। अब हर स्टेप डैशबोर्ड पर दिखता है।
E Uparjan हेल्पलाइन और संपर्क विवरण
किसी भी समस्या — चाहे पंजीकरण में दिक्कत हो, स्लॉट बुकिंग न हो पाए, या भुगतान रुका हो — नीचे दिए नंबरों पर संपर्क करें:
ई-उपार्जन टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-103-6006 ईमेल: support-euparjan@mp.gov.in PFMS भुगतान हेल्पलाइन: 1800-11-8111 नजदीकी CSC केंद्र: अपने गांव या कस्बे के कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भी मदद लें — यह सेवा निःशुल्क है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल — FAQs
सवाल 1: क्या E Uparjan पर पंजीकरण के लिए पैसे देने होते हैं?
नहीं, बिल्कुल नहीं। mpeuparjan.mp.gov.in पर पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग दोनों पूरी तरह निःशुल्क हैं। यदि कोई व्यक्ति आपसे पैसे मांगे तो उसे मत दें और हेल्पलाइन पर सूचित करें।
सवाल 2: क्या पुराने किसानों को हर साल नया पंजीकरण करना होगा?
नहीं। एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद हर नए सीजन में केवल लॉगिन करके फसल की जानकारी अपडेट करें और नया स्लॉट बुक करें। दोबारा पूरा पंजीकरण नहीं करना होगा।
सवाल 3: अगर बुक किया हुआ स्लॉट छूट जाए तो क्या होगा?
जल्द से जल्द हेल्पलाइन 1800-103-6006 पर कॉल करें। कुछ मामलों में खरीद केंद्र के अधिकारी पुनर्निर्धारण में मदद कर सकते हैं। इसलिए स्लॉट बुक होते ही तारीख कैलेंडर में नोट कर लें।
सवाल 4: क्या गेहूं और धान के लिए अलग-अलग पंजीकरण करना होता है?
नहीं। एक ही पंजीकरण से आप विभिन्न सीजनों में अलग-अलग फसलें बेच सकते हैं। सिर्फ उस सीजन में संबंधित फसल का चयन करना होता है।
सवाल 5: भुगतान में 15 दिन से ज्यादा देरी हो जाए तो क्या करें?
तुरंत 1800-103-6006 पर कॉल करें। शिकायत करते समय अपना FTO नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर तैयार रखें। PFMS से जुड़ी समस्या के लिए 1800-11-8111 पर कॉल करें।
सवाल 6: अगर मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है तो क्या करें?
पहले नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाकर अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक करवाएं। उसके बाद ही पोर्टल पर पंजीकरण करें क्योंकि OTP इसी नंबर पर आता है।
सवाल 7: क्या किसान खुद मोबाइल से पंजीकरण कर सकते हैं?
हाँ। mpeuparjan.mp.gov.in मोबाइल पर भी आसानी से खुलता है। लेकिन अगर तकनीकी दिक्कत हो तो नजदीकी CSC केंद्र पर जाएं — वहाँ ऑपरेटर निःशुल्क मदद करते हैं।
निष्कर्ष
MP E Uparjan 2026 मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक सुविधा है। इस पोर्टल ने फसल बेचने की पूरी प्रक्रिया को न सिर्फ आसान बनाया है बल्कि उसे पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त भी बनाया है। ऑनलाइन पंजीकरण, स्मार्ट स्लॉट बुकिंग और DBT से सीधा भुगतान — ये तीन चीजें किसानों की जिंदगी को वाकई बेहतर बना रही हैं।
यदि आप मध्य प्रदेश के किसान हैं और अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है तो आज ही mpeuparjan.mp.gov.in पर जाएं। समय पर पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग करें ताकि आप MSP का पूरा लाभ उठा सकें। अपने आसपास के किसान भाइयों को भी यह जानकारी जरूर शेयर करें।