झारखंड के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है! झारखंड सरकार ने धान खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए ई-उपार्जन पोर्टल (E-Uparjan Jharkhand) को और अधिक सुविधाजनक बना दिया है। अब किसानों को धान बेचने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, न ही लंबी लाइनों में घंटों इंतजार करना पड़ता है।
वर्ष 2026 के लिए यह प्रक्रिया अपडेट कर दी गई है। यदि आप भी झारखंड के किसान हैं और सरकारी समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेचना चाहते हैं, तो यह गाइड आपके लिए ही है। यहाँ हम पंजीकरण से लेकर पैसे मिलने तक की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझा रहे हैं।

क्या है E-Uparjan Jharkhand 2026?
E-Uparjan (ई-उपार्जन) झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा संचालित एक ऑनलाइन पोर्टल है। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य किसानों से सीधे धान की खरीद करना है। यह पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर बिचौलियों को खत्म करता है और किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाता है।
E-Uparjan पोर्टल की मुख्य सुविधाएँ:
- ऑनलाइन किसान पंजीकरण: घर बैठे ही पंजीकरण करें।
- भूमि विवरण अपडेट: अपनी जमीन का विवरण पोर्टल पर दर्ज करें।
- टोकन प्रणाली: धान ले जाने की तिथि और समय SMS द्वारा प्राप्त करें।
- भुगतान स्टेटस: बैंक खाते में पैसे आने की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करें।
E-Uparjan Jharkhand 2026: पंजीकरण की प्रक्रिया (Step-by-Step Guide)
अगर आपने पहले कभी पंजीकरण नहीं कराया है, तो चिंता न करें। यह प्रक्रिया बहुत सरल है। बस नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले झारखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:
👉 https://uparjan.jharkhand.gov.in/
स्टेप 2: ‘Farmer Registration’ पर क्लिक करें
वेबसाइट के होम पेज पर आपको “Farmer Registration” या “किसान पंजीकरण” का लिंक मिलेगा। उस पर क्लिक करें।
स्टेप 3: पंजीकरण फॉर्म भरें
खुलने वाले फॉर्म में निम्नलिखित जानकारी सावधानीपूर्वक भरें:
- अपना जिला चुनें
- अपना पूरा नाम (जैसा आधार कार्ड में है)
- मोबाइल नंबर
- आधार नंबर
- एक पासवर्ड सेट करें (लॉगिन के लिए)
फॉर्म भरने के बाद सबमिट करें। पंजीकरण पूरा होने पर आपको एक पंजीकरण संख्या (Registration Number) प्राप्त होगी।
स्टेप 4: लॉगिन करें
अब आप अपने मोबाइल नंबर और पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल में लॉगिन कर सकते हैं।
स्टेप 5: बुनियादी जानकारी (Basic Details) भरें
लॉगिन करने के बाद बाईं ओर मेनू में “Details” या “Fill Basic Details” विकल्प पर क्लिक करें। यहाँ आपको निम्न जानकारी दर्ज करनी होगी:
- पिता/पति का नाम
- पूरा पता, ग्राम, पिन कोड
- बैंक खाता विवरण (खाता संख्या, IFSC कोड)
सुझाव: बैंक विवरण बिल्कुल सही भरें, क्योंकि इसी खाते में भुगतान आएगा। गलती होने पर पैसा नहीं मिलेगा।
भूमि विवरण (Land Detail) जोड़ना क्यों है जरूरी?
धान बेचने के लिए किसान के पास भूमि होना आवश्यक है। इसलिए पोर्टल पर अपने खेतों का विवरण दर्ज करना अनिवार्य है।
भूमि विवरण कैसे जोड़ें?
- लॉगिन करने के बाद “Land Detail” मेनू पर क्लिक करें।
- एक नया फॉर्म खुलेगा। इसमें दर्ज करें:
- खाता संख्या
- प्लॉट नंबर
- भूमि का कुल रकबा (एकड़/हेक्टेयर में)
- फसल का प्रकार (धान)
- यदि आपके पास एक से अधिक जमीन है, तो “Add More” बटन पर क्लिक करके सभी का विवरण जोड़ें।
- अंत में Update बटन पर क्लिक करें।
ध्यान दें: जमीन के दस्तावेज (खाता-प्लॉट) सही होने चाहिए। विभाग द्वारा इसकी जांच की जाती है।
Jharkhand E-Uparjan 2026: टोकन प्रक्रिया (धान बेचने की तिथि)
एक बार आपका पंजीकरण और भूमि विवरण सत्यापित हो जाता है, तो आप धान बेचने के पात्र हो जाते हैं।
- SMS सूचना: जब आपके नजदीकी क्रय केंद्र (Purchase Centre) पर आपकी बारी आती है, तो आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक SMS भेजा जाता है।
- तिथि और समय: इस SMS में आपको बताया जाता है कि किस दिन और किस समय आपको अपनी फसल लेकर केंद्र पर पहुंचना है।
- टोकन रहित व्यवस्था: अब आपको लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। आप केवल निर्धारित समय पर ही जाएं।
धान जमा करने के बाद: रसीद और भुगतान
जब आप निर्धारित तिथि पर क्रय केंद्र पर धान जमा कर देते हैं, तो वहां का प्रभारी अधिकारी आपको एक धान विक्रय रसीद (Paddy Sale Receipt) प्रदान करता है।
- यह रसीद बहुत महत्वपूर्ण है। इसे सुरक्षित रखें।
- इसमें आपके द्वारा बेचे गए धान की मात्रा, दर और कुल राशि दर्ज होती है।
कब मिलेगा भुगतान?
झारखंड सरकार की कोशिश है कि किसानों को धान बेचने के 7 दिनों के भीतर ही उनका भुगतान मिल जाए।
- यह पैसा सीधे आपके आधार से लिंक बैंक खाते में भेज दिया जाता है।
- आप पोर्टल पर लॉगिन करके Payment Status देख सकते हैं कि पैसा आया या नहीं।
E-Uparjan Jharkhand 2026 के लिए आवश्यक दस्तावेज़
पंजीकरण कराने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक हो)
- बैंक खाता पासबुक (खाता संख्या और IFSC कोड)
- जमीन के दस्तावेज (RC/खाता-प्लॉट की नकल)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर (सक्रिय)
पुराने किसानों के लिए (Renewal / नवीनीकरण)
यदि आपने पिछले वर्ष (2025) में भी इस पोर्टल पर पंजीकरण कराया था, तो आपको नए सिरे से पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं है। आप बस अपने पुराने यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें और इन चीजों को अपडेट करें:
- अपनी भूमि का विवरण (यदि कोई बदलाव हो)
- बैंक विवरण (यदि बदला हो)
- फसल का विवरण (Current Year के अनुसार)
ई-उपार्जन पोर्टल के प्रमुख लाभ
- पारदर्शिता: अब कोई बिचौलिया नहीं, सीधा सरकार से सौदा।
- समय की बचत: SMS से मिलती है तिथि, लंबी लाइनों से मुक्ति।
- सीधा भुगतान: पैसा सीधे खाते में, 7 दिनों की गारंटी।
- कहीं भी करें अप्लाई: किसान चाहे झारखंड के किसी भी कोने में हो, ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।
महत्वपूर्ण लिंक (Important Links 2026)
| वेबसाइट/लिंक | यूआरएल |
|---|---|
| आधिकारिक वेबसाइट | https://uparjan.jharkhand.gov.in/ |
| किसान पंजीकरण (नया) | पोर्टल पर “Farmer Registration” लिंक पर क्लिक करें |
| किसान लॉगिन | पोर्टल पर “Farmer Login” लिंक पर क्लिक करें |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या बिना जमीन के किसान धान बेच सकता है?
नहीं, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके पास अपनी खेती की जमीन है। भूमिहीन मजदूर इस योजना के तहत धान नहीं बेच सकते।
2. पंजीकरण के लिए कोई शुल्क है या नहीं?
नहीं, ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण कराना बिल्कुल मुफ्त है। यदि कोई आपसे पैसे मांगता है, तो सावधान हो जाएं।
3. अगर मेरा बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है तो क्या होगा?
भुगतान सीधे आपके खाते में आता है, इसके लिए आधार लिंक होना अनिवार्य नहीं है, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक खाता आधार से लिंक करा लेना हमेशा बेहतर होता है। यह डीबीटी (DBT) के लिए जरूरी है।
4. SMS नहीं आया तो क्या करें?
अगर आपने पंजीकरण करा लिया है और भूमि विवरण भी सही है, फिर भी SMS नहीं आ रहा है, तो अपने नजदीकी क्रय केंद्र या प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क करें।
निष्कर्ष
E-Uparjan Jharkhand 2026 झारखंड के किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। यह डिजिटल पहल न केवल धान बिक्री की प्रक्रिया को आसान बनाती है, बल्कि किसानों को उनके अधिकार और सही मूल्य दिलाने में भी मदद करती है।
अगर आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो देर न करें। आज ही आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और अपना नाम दर्ज कराएं। यह योजना आपकी मेहनत को सरकार की मदद से जोड़ती है, और एक समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।